SANS

Love Stories | पिरितिया के खेल

 

पिरितिया के अदभुत खेल

मडई पर इन सभी बातों का कोई असर नहीं पडता. तब गांव वालों ने धमकी दी कि डोमिनिया से मिलल, ओकरा से बोलल बतियावल छोड द, ना तो गांव और जाति, दुनों से निकाल देबल जाई. मडई अपनी धुन में थे, यह धमकी भी बेअसर. जब कोई बहुत छेडे तो मडई बस इतना ही कहते- हमार बात क ेले के गांव काहे परेषान बा और जेकरा जे करेके बा, करे, अब हमार जीवनसंगीनी तो सुगमोनवा ही बनीे

एहो देखीं जा

 

खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं..., posted on 06 Mar 2011 by Nirala
भोजपुरी लोकगीत में जीवन के मर्म, posted on 06 Mar 2011 by Nirala

 

बिसेस: भिखारी ठाकुर के

भोजपुरी सिनेमा के 50 बरिस

चिठी-पतरी, आख्यान-व्याख्यान

नदिया के पार के 25 वर्ष

दामुल के 25 साल

25 Yrs of Damul

एगो ऐतिहासिक क्षण

Contact Bidesia